03/11/23 | 8:57 am

Print

दिल्ली एनसीआर में जहरीली हुई हवा, नर्सरी से पांच तक के स्कूल बंद, ग्रैप-3 की पाबंदियां हुई लागू

देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर में एयर पॉल्यूशन गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। हवा इतनी खराब (जहरीली) हो गई है कि लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में कठिनाई महसूस होने लगी है। इससे दिल्लीवाले बेहाल हैं। ऐसे में जहां नर्सरी से लेकर कक्षा पांच तक के स्कूल दो दिन तक (तीन और चार नवंबर) बंद रहेंगे। वहीं दिल्ली में ग्रैप-3 (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) को लागू कर दिया गया। दिल्ली में अब बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल वाहनों के प्रवेश और गैर-जरूरी निर्माण कार्यों पर रोक सहित कई सख्त पाबंदियां लग गई हैं।

 

दिल्ली में  एक्यूआई 459 पर 
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने शुक्रवार सुबह पांच बजे आंकड़े जारी किए हैं। इन आंकड़ों मुताबिक दिल्ली में गंभीर श्रेणी के साथ एक्यूआई 459 बना हुआ है। नोएडा में यह स्तर 418 है। गाजियाबाद का एक्यूआई सुबह 363 दर्ज किया गया है। गुरुवार शाम पांच बजे दिल्ली का औसत एक्यूआई 402 था। इसे वायु गुणवत्ता सूचकांक का सबसे खतरनाक स्तर माना जाता है। आज सुबह यह इस स्तर को भी पार कर गया।

नर्सरी से लेकर कक्षा पांच तक के स्कूल बंद
राष्ट्रीय राजधानी में तेजी से जहरीली हो रही हवा के बीच दिल्ली सरकार ने गुरुवार को बड़ा फैसला लिया। इसके तहत नर्सरी से लेकर कक्षा पांच तक के स्कूल दो दिन तक (तीन और चार नवंबर) बंद रहेंगे। हालांकि, शिक्षा निदेशालय ने कहा है कि ऑनलाइन कक्षा जारी रहेंगी। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार रात फैसले की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से दी। उधर, वैज्ञानिकों ने अगले दो सप्ताह में प्रदूषण और बढ़ने का अनुमान जताया है।

AQI का लेवल हाई
ग्रैप के तहत कार्रवाई करने के लिए गठित उप-समिति ने गुरुवार को अपनी बैठक में क्षेत्र में वायु गुणवत्ता परिदृश्य के साथ-साथ आईएमआई व आईआईटीएम द्वारा उपलब्ध मौसम संबंधी स्थितियों और वायु गुणवत्ता सूचकांक के पूर्वानुमानों की व्यापक समीक्षा की। उप-समिति ने पाया कि दिल्ली का औसत एक्यूआई तेजी से बढ़ते हुए शाम 5 बजे तक 402 दर्ज किया गया। इसके आगे और भी बढ़ने की उम्मीद है।
वायु गुणवत्ता की मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखते हुए उप-समिति ने निर्णय लिया कि जीआरएपी के चरण III 'गंभीर वायु गुणवत्ता (401-450 के बीच दिल्ली AQI) के तहत परिकल्पित सभी कार्रवाई की जाएगी। पहले से ही लागू चरण I और II की कार्रवाइयों के अलावा, एनसीआर में सभी संबंधित एजेंसियों द्वारा तुरंत प्रभाव से सही ढंग से कार्यान्वित किया जाना चाहिए।

बोरिंग और ड्रिलिंग कार्यों सहित खुदाई और भराई के लिए मिट्टी का काम नहीं
इस अवधि के दौरान धूल पैदा करने वाली और वायु प्रदूषण को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों पर सख्ती से प्रतिबंध लगाया जाएगा। इसमें बोरिंग और ड्रिलिंग कार्यों सहित खुदाई और भराई के लिए मिट्टी का काम नहीं किया जा सकेगा। निर्माण और वेल्डिंग संचालन सहित सभी संरचनात्मक निर्माण कार्य और तोड़फोड़ का काम प्रतिबंधित रहेगा। परियोजना स्थलों के भीतर या बाहर कहीं भी निर्माण सामग्री की लोडिंग और अनलोडिंग नहीं होगी। पेंटिंग, पॉलिशिंग और वार्निशिंग आदि कार्य। सड़क निर्माण व मरम्मत कार्य जिसमें फुटपाथ और रास्ते और सेंट्रल वर्ज आदि को पक्का करना शामिल है। स्टोन क्रशरों का संचालन बंद करने के साथ ही एनसीआर में सभी खनन और संबंधित गतिविधियों को बंद करें।

पांचवीं कक्षा तक के बच्चों का फिजिकल क्लास बंद
दिल्ली और गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर जिलों में बीएस III पेट्रोल और बीएस IV डीजल एलएमवी (4 पहिया वाहन) के संचालन पर सख्त प्रतिबंध लगाएगा। इसके साथ राज्य सरकारें (एनसीआर और जीएनसीटीडी में) पांचवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए स्कूलों में फिजिकल क्लास बंद करने और ऑनलाइन मोड में कक्षाएं संचालित करने पर निर्णय ले सकती हैं। संस्थान लोगों के घर से काम करने की अनुमति दे सकते हैं।

बता दें कि शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को अच्छा, 51 से 100 के बीच को संतोषजनक, 101 से 200 के बीच को मध्यम, 201 से 300 के बीच को खराब, 301 से 400 के बीच को बहुत खराब और 401 से 500 के बीच को गंभीर श्रेणी में माना जाता है।

RELATED ARTICLES

27 mins ago | Aichi-Nagoya Asian Games

पीएम मोदी से मिले एशियन गेम्स 2026 के भारतीय खिलाड़ी, बोले- यह सिर्फ आपकी नहीं, पूरे देश की सफलता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में एशियन गेम्स 2026...

44 mins ago | All India Institute of Ayurveda (AIIA)

बाल स्वास्थ्य को स्वास्थ्य सेवाओं की प्राथमिकता के केंद्र में रखना जरूरी: उपराष्ट्रपति

भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने गुरुवार को आयुर्वेद में व्यापक वैज्ञानिक अनुसंधान की...