भारत में उन्नत चिकित्सा उपकरणों के घरेलू निर्माण को बढ़ावा देने के लिए प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (TDB) ने कर्नाटक के मालूर स्थित पनासिया मेडिकल टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक समझौता किया है। इसके तहत कंपनी को स्वदेशी 32-स्लाइस कंप्यूटेड टोमोग्राफी (CT) स्कैनर के विकास और व्यावसायीकरण में सहायता दी जाएगी। यह पहल केंद्र सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के तहत देश की चिकित्सा उपकरण निर्माण क्षमता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के अंतर्गत आने वाला TDB स्वदेशी तकनीक विकसित करने और उसे बाजार तक पहुंचाने के लिए भारतीय कंपनियों को समर्थन देता है। पनासिया मेडिकल टेक्नोलॉजीज रेडियोथेरेपी और रेडियोलॉजी से जुड़े चिकित्सा उपकरणों के निर्माण में विशेषज्ञता रखती है। कंपनी ने मेडिकल इमेजिंग और कैंसर के उपचार से संबंधित उन्नत तकनीकों, प्रक्रियाओं और उत्पादों के विकास में अपनी क्षमताएं स्थापित की हैं। अब कंपनी इसी अनुभव के आधार पर डायग्नोस्टिक CT स्कैनर विकसित कर रही है।
इस परियोजना के तहत विभिन्न चिकित्सा क्षेत्रों में जांच के लिए 32-स्लाइस CT स्कैनर का डिजाइन, विकास और इस्तेमाल किया जाएगा। CT स्कैनर में घूमने वाली एक्स-रे प्रणाली और डिजिटल डिटेक्टरों की मदद से शरीर के अंदरूनी हिस्सों की अलग-अलग परतों की तस्वीरें ली जाती हैं। इसके बाद कंप्यूटर एल्गोरिदम की मदद से इन तस्वीरों को जोड़कर शरीर की आंतरिक संरचनाओं की विस्तृत छवियां तैयार की जाती हैं। इस तकनीक के विकास में सटीक इंजीनियरिंग, इमेजिंग उपकरणों का एकीकरण और सही परिणाम तथा मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक परीक्षण व कैलिब्रेशन जरूरी होता है।
भारत में उन्नत डायग्नोस्टिक इमेजिंग तकनीकों की मांग बढ़ रही है। इसके पीछे स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, पुरानी बीमारियों का बढ़ता बोझ और समय पर सटीक जांच की जरूरत प्रमुख कारण हैं। देश में ही उच्च तकनीक वाले चिकित्सा उपकरण विकसित करने से घरेलू विनिर्माण को मजबूती मिल सकती है और आयातित तकनीकों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
सरकार ने ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के तहत चिकित्सा उपकरणों को प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में शामिल किया है। TDB का उद्देश्य स्वदेशी तकनीक के विकास को समर्थन देकर भारतीय कंपनियों को उन्नत चिकित्सा उपकरण बनाने में सक्षम बनाना, घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जरूरी उपकरणों की उपलब्धता बेहतर करना है।
TDB के सचिव राजेश कुमार पाठक ने कहा कि स्वदेशी CT स्कैनर का विकास ‘मेक इन इंडिया’ के तहत उच्च तकनीक वाले चिकित्सा उपकरणों के घरेलू निर्माण को मजबूत करने के सरकार के विजन के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि बोर्ड की सहायता से चिकित्सा प्रौद्योगिकी कंपनियों को ऐसे स्वदेशी और नवोन्मेषी समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जो देश की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा कर सकें और जिन्हें वैश्विक बाजारों में भी अपनाने के अवसर मिलें।
पनासिया मेडिकल टेक्नोलॉजीज के प्रमोटर ने TDB के सहयोग के लिए आभार जताते हुए कहा कि यह साझेदारी स्वदेशी डायग्नोस्टिक इमेजिंग तकनीक विकसित करने के प्रयासों को गति देगी। इससे भारत में उन्नत CT जांच को अधिक सुलभ बनाने में योगदान मिलने की उम्मीद है।
-(इनपुटः PIB)


