एडमिरल त्रिपाठी की अहम बैठक, भारत-म्यांमार नौसेना सहयोग को मजबूत करने पर जोर

चीफ ऑफ नेवल स्टाफ (सीएनएस) एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने म्यांमार की राजधानी नेप्यीडॉ में म्यांमार नौसेना के कमांडर-इन-चीफ एडमिरल ह्टिन विन से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच बढ़ते रिश्तों पर बात हुई। साथ ही समुद्री सहयोग बढ़ाने, ट्रेनिंग, क्षमता निर्माण, मोबाइल ट्रेनिंग टीम्स (एमटीटीएस), हाइड्रोग्राफी और आपसी तालमेल (इंटरऑपरेबिलिटी) को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।

भारतीय नौसेना के प्रवक्ता ने सोशल मीड‍िया प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर पोस्ट कर कहा, “म्यांमार दौरे के दौरान चार मई को एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने नेप्यीडॉ में एडमिरल ह्टिन विन से मुलाकात की। वहां पहुंचने पर म्यांमार नौसेना ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। यह बैठक दोनों नौसेनाओं के रिश्तों को और मजबूत करने और बंगाल की खाड़ी में समुद्री सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है।”

उन्होंने कहा, “दोनों पक्षों ने भारत-म्यांमार रिश्तों को और आगे बढ़ाने पर बात की। खास तौर पर समुद्री सहयोग, ट्रेनिंग, क्षमता निर्माण, मोबाइल ट्रेनिंग टीम्स, हाइड्रोग्राफी और आपसी तालमेल को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया। बातचीत में समुद्री सुरक्षा से जुड़े साझा नजरिए और समुद्र में बढ़ते खतरों से मिलकर निपटने की जरूरत पर भी चर्चा हुई।”

आपको बता दें, एडमिरल त्रिपाठी ने सोमवार को म्यांमार के रक्षा मंत्री जनरल ह्टुन आंग से भी मुलाकात की और दोनों देशों के रिश्तों की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की। एडमिरल त्रिपाठी का चार दिन का यह दौरा आज मंगलवार को खत्म होने वाला है।

भारतीय नौसेना के प्रवक्ता ने बताया, “दौरे के दौरान एडमिरल त्रिपाठी ने म्यांमार के रक्षा मंत्री जनरल ह्टुन आंग से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के रक्षा संबंधों की समीक्षा की गई और आगे की प्राथमिकताओं पर बात हुई। साथ ही इस बात पर जोर दिया गया कि भारत-म्यांमार रक्षा सहयोग क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए कितना अहम है।” उन्होंने कहा क‍ि बातचीत में चल रही गतिविधियों और आगे सहयोग बढ़ाने के नए रास्तों पर भी चर्चा हुई, जो दोनों देशों के बीच मजबूत और भविष्य की ओर बढ़ते रिश्तों को दिखाता है।

एडमिरल त्रिपाठी ने रविवार को म्यांमार नौसेना के सेंट्रल नेवल कमांड के प्रमुख रियर एडमिरल आंग आंग नाइंग और ट्रेनिंग कमांड के प्रमुख रियर एडमिरल खुन आंग क्यॉ से भी मुलाकात की थी। इस दौरान नौसेना सहयोग बढ़ाने, रक्षा साझेदारी मजबूत करने और ऑपरेशनल सहयोग बढ़ाने पर बात हुई। दोनों पक्षों ने ट्रेनिंग सहयोग और भविष्य में साथ काम करने के नए तरीकों पर भी चर्चा की।

प्रवक्ता ने बताया, “एडमिरल त्रिपाठी का यांगून स्थित सेंट्रल नेवल कमांड मुख्यालय में स्वागत गार्ड ऑफ ऑनर के साथ किया गया। वहां उन्होंने रियर एडमिरल आंग आंग नाइंग और रियर एडमिरल खुन आंग क्याव से मुलाकात की।” उन्होंने कहा क‍ि बैठक में नौसेना सहयोग, रक्षा साझेदारी, ऑपरेशनल तालमेल, समुद्री सुरक्षा और सुरक्षित समुद्री माहौल बनाने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। ट्रेनिंग सहयोग और आपसी तालमेल बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।

एडमिरल त्रिपाठी ने म्यांमार के नेवल ट्रेनिंग कमांड का भी दौरा किया, जहां उन्होंने भारत की मदद से किए गए कुछ प्रोजेक्ट्स सौंपे। प्रवक्ता ने बताया, “नेवल ट्रेनिंग कमांड में उन्हें वहां की ट्रेनिंग व्यवस्था के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही दोनों नौसेनाओं के बीच चल रहे कार्यक्रमों और मोबाइल ट्रेनिंग टीम्स की भूमिका पर भी चर्चा हुई। एडमिरल त्रिपाठी ने भारत की ओर से बनाए गए कुछ प्रोजेक्ट्स जैसे कंटेनराइज्ड स्मॉल आर्म्स सिम्युलेटर और रिजिड इन्फ्लेटेबल बोट सौंपे, जो महासागर’ के विजन के तहत बंगाल की खाड़ी में समुद्री सुरक्षा बढ़ाने में मदद करेंगे।

भारतीय नौसेना के मुताबिक, यह दौरा भारत और म्यांमार के बीच लंबे समय से चले आ रहे दोस्ताना रिश्तों को और मजबूत करता है, जो आपसी सम्मान, भरोसे और हिंद महासागर क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने की साझा सोच पर आधारित हैं। (इनपुट-आईएएनएस)

 

 

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