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भारत में विमानन मांग, एयरलाइंस की क्षमता बढ़ने की रफ्तार से तेज: राम मोहन नायडू

भारत में हवाई यात्रा की मांग एयरलाइंस की ओर से बढ़ाई जा रही क्षमता की तुलना में तेजी से बढ़ रही है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने मंगलवार को कहा कि देश के विमानन क्षेत्र में मांग और उपलब्ध सीटों के बीच अंतर को देखते हुए क्षमता तथा हवाई संपर्क को लगातार बढ़ाने की जरूरत है।

एक कार्यक्रम में नायडू ने बताया कि पिछले एक दशक में भारत में राजस्व यात्री किलोमीटर (RPK) में सालाना औसतन 7.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि एयरलाइंस की उपलब्ध सीट किलोमीटर (ASK) क्षमता में 7 प्रतिशत की वृद्धि हुई। उन्होंने कहा, “इसका मतलब है कि बाजार सीटों की तुलना में तेजी से बढ़ रहा है।”

भारत बढ़ती आय, क्षेत्रीय हवाई संपर्क और हवाई यात्रा की बढ़ती मांग के चलते दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार बन चुका है। सरकार आने वाले वर्षों में भारत को दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा विमानन बाजार बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है।

इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए सरकार देश में हवाई अड्डों के विस्तार पर जोर दे रही है। नायडू के अनुसार, देश में परिचालन वाले हवाई अड्डों की संख्या 2014 में 74 थी, जो अब बढ़कर 166 से अधिक हो गई है। सरकार ने 2047 तक हवाई अड्डों की संख्या बढ़ाकर 400 करने का लक्ष्य रखा है।

मंत्री ने बताया कि इस समय 66 हवाई अड्डों का विकास किया जा रहा है, जबकि अगले 10 वर्षों में 100 और हवाई अड्डों की योजना है। इसका उद्देश्य देश के अलग-अलग हिस्सों में हवाई संपर्क को मजबूत करना है।

नायडू ने यह भी घोषणा की कि विमानन उद्योग का प्रमुख वैश्विक संपर्क और हवाई मार्ग विकास कार्यक्रम ‘रूट्स एशिया 2027’ भारत में 16 से 18 मार्च 2027 तक आयोजित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इस आयोजन से भारत में क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय हवाई संपर्क को बढ़ावा मिलेगा और वैश्विक विमानन क्षेत्र में देश की स्थिति और मजबूत होगी। मंत्री के अनुसार, भारत ने पिछले दो वर्षों में कई महत्वपूर्ण विमानन कार्यक्रमों की मेजबानी की है, जिनमें ICAO एशिया-प्रशांत मंत्रिस्तरीय सम्मेलन, BRICS शिखर सम्मेलन और IATA की 81वीं वार्षिक आम बैठक शामिल हैं।

नायडू ने कहा कि हवाई अड्डों के नेटवर्क के विस्तार के बाद अब सरकार का अगला कदम हवाई संपर्क को और बेहतर बनाना है।

-(इनपुटः IANS)