ट्राई द्वारा समय-समय पर एकत्रित और प्रकाशित बीएसएनएल सहित देश भर के विभिन्न दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के ग्राहकों का विवरण इसकी वेबसाइट पर उपलब्ध है। इसके अलावा, आत्मनिर्भर भारत पहल के अनुरूप, बीएसएनएल ने पूरे भारत में तैनाती के लिए स्वदेशी रूप से विकसित 4G साइटों के लिए खरीद आदेश दिया है। 4G उपकरणों की आपूर्ति सितंबर 2023 से शुरू हो गई है और 30 जून 2025 तक कुल 95,537 4G साइटें स्थापित की जा चुकी हैं तथा 90,035 साइटें ऑन-एयर हैं। ये उपकरण 5G अपग्रेड करने योग्य हैं। यह जानकारी संचार एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर ने बुधवार को लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
उन्होंने बताया कि देश भर के पहाड़ी क्षेत्रों में दूरसंचार संबंधी बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने हेतु, सरकार डिजिटल भारत निधि (पूर्ववर्ती यूएसओएफ) के तहत विभिन्न परियोजनाओं को लागू कर रही है जैसे- (i) देश भर के कवर न किए गए गांवों में 4G मोबाइल सेवाएं प्रदान करने हेतु 4G संतृप्ति परियोजना, (ii) सीमा स्थित चौकियों (बीओपी)/सीमा स्थित खुफिया चौकियों (बीआईपी) में 4G आधारित मोबाइल सेवाओं के प्रावधान हेतु (बीओपी)/ (बीआईपी) परियोजना, (iii) वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल सेवाएं प्रदान करने की योजनाएं, (iv) आकांक्षी जिलों में मोबाइल सेवाएं प्रदान करने की योजना, (v) कवर न किए गए गांवों और राष्ट्रीय राजमार्गों में मोबाइल कवरेज प्रदान करने के लिए एनईआर में मोबाइल कनेक्टिविटी हेतु व्यापक दूरसंचार विकास योजना (सीटीडीपी), और (vi) भारतनेट परियोजना, जिसे देश में मांग के आधार पर सभी ग्राम पंचायतों (जीपी) और गांवों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए चरणबद्ध तरीके से कार्यान्वित किया जा रहा है।
वहीं, बीएसएनएल को दिए गए पुनरुद्धार पैकेजों के परिणामस्वरूप, बीएसएनएल ने वित्तीय वर्ष 2020-21 से परिचालन लाभ अर्जित करना शुरू कर दिया है और बीएसएनएल ने वित्तीय वर्ष 2024-25 की तीसरी और चौथी तिमाही में क्रमशः 262 करोड़ रुपये और 280 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है।


