प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा लिखित एक लेख साझा किया है, जिसमें प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के महिलाओं के सशक्तिकरण और स्वच्छ ऊर्जा आधारित रसोई व्यवस्था पर पड़े प्रभाव को विस्तार से बताया गया है।
महिलाओं को नीति के केंद्र में रखने पर जोर
नरेन्द्र मोदी ने कहा कि इस लेख में एक महत्वपूर्ण बदलाव की रूपरेखा प्रस्तुत की गई है, जिसमें महिलाओं को केवल नीति की लाभार्थी नहीं, बल्कि उसके आरंभिक बिंदु के रूप में देखा गया है। यह दृष्टिकोण महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक नया नजरिया प्रस्तुत करता है।
उज्ज्वला योजना के प्रभाव पर प्रकाश
धर्मेंद्र प्रधान द्वारा लिखे गए इस लेख में बताया गया है कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने एलपीजी कवरेज का विस्तार कर देशभर में 10 करोड़ से अधिक महिलाओं तक स्वच्छ ईंधन की पहुंच सुनिश्चित की है।
इस योजना के तहत लक्षित सब्सिडी हस्तांतरण की व्यवस्था ने न केवल आर्थिक सहायता प्रदान की, बल्कि ग्रामीण और वंचित वर्ग की महिलाओं को सीधे लाभ पहुंचाया है।
स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार
लेख में यह भी उल्लेख किया गया है कि रसोई में एलपीजी के उपयोग से घरेलू वायु प्रदूषण में कमी आई है, जिससे महिलाओं और परिवारों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। साथ ही, इससे जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार देखा गया है।
निरंतर उपयोग पर जोर
प्रधानमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि अब ध्यान एलपीजी के निरंतर उपयोग, इसकी किफायती उपलब्धता और ऊर्जा न्याय सुनिश्चित करने पर केंद्रित है, ताकि इस योजना का लाभ और अधिक प्रभावी ढंग से समाज के सभी वर्गों तक पहुंच सके। (इनपुट: पीआईबी)


