सहकारिता क्षेत्र में चार गुना वृद्धि, NCDC ने दी ₹95,200 करोड़ की वित्तीय सहायता: अमित शाह

केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को नई दिल्ली में राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) की 92वीं साधारण परिषद बैठक को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता मंत्रालय बनने के बाद सहकारी क्षेत्र में तेज़ प्रगति हुई है और NCDC इस बदलाव की एक मज़बूत नींव बनकर उभरा है।

अमित शाह ने कहा कि सरकार का लक्ष्य सहकारिता के माध्यम से किसानों, ग्रामीण परिवारों, मछुआरों, छोटे उत्पादकों और उद्यमियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है, जिससे आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य मजबूत हो सके।

मंत्री ने बताया कि सहकारी संस्थाओं को वित्तीय सहायता देने के लिए बने NCDC ने अपने कुल वितरण को 2020-21 के ₹24,700 करोड़ से बढ़ाकर 2024-25 में ₹95,200 करोड़ कर दिया है — यानी करीब चार गुना वृद्धि। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में NCDC ने वित्तीय समावेशन और नवाचार में नए मानक स्थापित किए हैं।

शाह ने कहा कि सहकारिता मॉडल ग्रामीण भागीदारी और रोजगार सुनिश्चित कर भारत को विकसित अर्थव्यवस्था बनाने में विशेष भूमिका निभाएगा। उन्होंने बताया कि संस्था ने 40% से अधिक की वार्षिक वृद्धि दर दर्ज की है, नेट NPA शून्य रखा है और ₹807 करोड़ का अब तक का सबसे अधिक शुद्ध लाभ हासिल किया है।

महत्वपूर्ण क्षेत्र: डेयरी, मत्स्य, वस्त्र, खाद्य प्रसंस्करण

अमित शाह ने बताया कि डेयरी, वस्त्र, खाद्य प्रसंस्करण और मार्केटिंग में NCDC राज्य सहकारी बैंकों, DCCBs और मार्केटिंग फेडरेशन्स के ज़रिए प्रभावी काम कर रहा है।

उन्होंने कहा कि PACS को किसान उत्पादक संगठन (FPO) के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा।

मत्स्य क्षेत्र और ब्लू इकोनॉमी को बढ़ावा

NCDC ने मत्स्य क्षेत्र में 1,070 FFPOs को मज़बूत किया है और 2,348 अन्य FFPOs पर काम जारी है। महाराष्ट्र और गुजरात में गहरे समुद्री मत्स्य पालन के लिए ट्रॉलर्स उपलब्ध करवाने से मछुआरा समुदाय, खासकर महिलाओं, को आर्थिक सशक्तिकरण मिला है।

शुगर मिलों और डेयरी में सर्कुलर इकोनॉमी पर ज़ोर

सरकार द्वारा शुगर मिलों के आधुनिकीकरण के लिए दिए गए ₹1,000 करोड़ के अनुदान के आधार पर, NCDC ने 56 शुगर मिलों को ₹10,005 करोड़ की सहायता दी है, जिसमें एथेनॉल प्लांट, को-जनरेशन और कार्यशील पूंजी शामिल हैं।

को-ऑपरेटिव टैक्सी सेवा “भारत टैक्सी”

अमित शाह ने बताया कि NCDC देश की पहली सहकारी टैक्सी सेवा “भारत टैक्सी” शुरू करने की दिशा में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। नई मल्टी-स्टेट सोसाइटी पंजीकृत हो चुकी है और ड्राइवरों का पंजीकरण और टेक्नोलॉजी विकास जारी है।

महिलाओं, डेयरी, पशुपालन और मत्स्य समाजों पर विशेष फोकस

सरकार द्वारा मंज़ूर किए गए ₹2,000 करोड़ अनुदान के आधार पर NCDC ₹20,000 करोड़ के वित्तीय पैकेज के साथ रियायती ऋण उपलब्ध कराएगा। यह धन विशेष रूप से डेयरी, पशुपालन, मत्स्य, खाद्य प्रसंस्करण, भंडारण, कपड़ा और महिला सहकारी समितियों पर खर्च किया जाएगा।

देशभर में विस्तार

NCDC ने विजयवाड़ा में नया क्षेत्रीय कार्यालय खोला है तथा जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और पूर्वोत्तर राज्यों में कई उप-कार्यालय शुरू किए हैं, जिससे सहकारिता नेटवर्क का विस्तार हुआ है।

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