राउज एवेन्यू कोर्ट ने गुरुवार को NEET UG पेपर लीक मामले में आरोप तय करने संबंधी अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस मामले में कुल 14 लोगों को आरोपी बनाया है। विशेष CBI जज अजय गुप्ता 18 नवंबर को इस पर अपना आदेश सुनाएंगे।
चार्जशीट और संज्ञान
CBI ने जुलाई में 13 आरोपियों के खिलाफ मुख्य चार्जशीट दाखिल की थी, जिसका कोर्ट ने अगस्त 2026 में संज्ञान लिया। इसके बाद 14वें आरोपी शेषराव बजरंग सूर्यवंशी के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर की गई। सूर्यवंशी को 2 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। CBI ने इस पूरे मामले की जांच के लिए मई 2026 में केस दर्ज किया था। कोर्ट ने CBI के वकील और आरोपी सूर्यवंशी के वकील की दलीलें सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रखा। सीनियर पब्लिक प्रॉसिक्यूटर वी.के. पाठक CBI की ओर से पेश हुए। मुख्य चार्जशीट में शामिल अन्य 13 आरोपियों के मामले में कोर्ट पहले ही दलीलें सुन चुकी है।
आरोपियों की सूची
मुख्य चार्जशीट में नामजद 13 आरोपी हैं—मनीषा मंधारे, मनीषा संजय हवलदार, मनीषा वाघमारे, प्रहलाद कुलकर्णी, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, डॉ. मनोज शिरुरे, तेजस हर्षद शाह, शुभम खैरनार, धनंजय लोखंडे, यश यादव, मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल और विकास बिवाल।
सूर्यवंशी की भूमिका
पुणे निवासी शेषराव बजरंग सूर्यवंशी को आरोपी शुभम खैरनार का करीबी बताया गया है। CBI के अनुसार, दोनों ने मिलकर आपराधिक साजिश रची थी। उन्होंने परीक्षा से पहले NEET-UG 2026 के कथित लीक प्रश्न कई उम्मीदवारों तक पहुंचाए और उनसे या उनके परिवारों से पैसे वसूले। आरोपी उम्मीदवारों को नांदेड़ के एक घर में ले जाया गया, जहां उन्हें लीक प्रश्न दिए गए। भुगतान सुनिश्चित करने के लिए सूर्यवंशी ने उम्मीदवारों के मूल दस्तावेज और शैक्षणिक प्रमाण पत्र अपने पास रख लिए थे। CBI का कहना है कि गिरफ्तार आरोपी और उसके करीबी साथियों के खिलाफ जांच अभी एक अहम चरण में है। (इनपुट-एजेंसी)


