केंद्र सरकार ने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और गिग व प्लेटफॉर्म वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने की दिशा में राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड के गठन को अधिसूचित किया है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने सामाजिक सुरक्षा संहिता (Code on Social Security) के तहत असंगठित श्रमिकों और गिग एवं प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड के आधिकारिक गठन की अधिसूचना जारी की है।
इस बोर्ड का उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के पारंपरिक श्रमिकों के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म और गिग इकॉनमी से जुड़े लाखों कामगारों के लिए लक्षित कल्याणकारी योजनाएं तैयार करना, उनकी निगरानी करना और सरकार को सुझाव देना है।
बोर्ड की अध्यक्षता केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री करेंगे। इसमें केंद्र और राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों के अलावा एग्रीगेटर कंपनियों, नियोक्ताओं, नागरिक समाज संगठनों, श्रमिक यूनियनों और गिग एवं प्लेटफॉर्म वर्कर्स के संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
साल में कम से कम तीन बैठकें होंगी
राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड की बैठक साल में कम से कम तीन बार आयोजित की जाएगी। बैठकों में कामकाज से जुड़े नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किया जाएगा, जिन्हें केंद्र सरकार निर्धारित करेगी।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की सिफारिश करेगा बोर्ड
बोर्ड केंद्र सरकार को असंगठित श्रमिकों, गिग वर्कर्स और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के अलग-अलग वर्गों के लिए उपयुक्त सामाजिक सुरक्षा योजनाएं तैयार करने की सिफारिश करेगा। इसके अलावा, सामाजिक सुरक्षा संहिता के क्रियान्वयन से जुड़े मामलों पर सरकार को सलाह देना भी इसकी जिम्मेदारी होगी।
बोर्ड केंद्र सरकार की ओर से संचालित सामाजिक कल्याण योजनाओं की निगरानी करेगा। साथ ही, राज्य स्तर पर रिकॉर्ड रखने की व्यवस्था की समीक्षा और संबंधित फंड एवं खातों से होने वाले खर्च का आकलन भी करेगा।
इसके अलावा, केंद्र सरकार समय-समय पर बोर्ड को जो अन्य जिम्मेदारियां सौंपेगी, उनका निर्वहन भी किया जाएगा।
सरकार के अनुसार, इस व्यवस्था के जरिए असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के साथ गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को भी औपचारिक सामाजिक कल्याण ढांचे से जोड़ने की दिशा में काम किया जाएगा। (PIB)


