राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को अपना परिचय पत्र सौंपने के बाद जीन-एरिक पैकेट ने आधिकारिक रूप से भारत में यूरोपीय संघ के राजदूत का पदभार संभाल लिया। दोनों क्षेत्रों के बीच मजबूत साझेदारी को लेकर उत्साह जताते हुए उन्होंने कहा कि भारत और यूरोप आज एक खास मोड़ पर खड़े हैं।
X पर पोस्ट कर जताया सम्मान और उत्साह
अपना परिचय पत्र सौंपने के बाद पैकेट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “भारत की माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को अपना परिचय पत्र सौंपकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। व्यापार, रक्षा, सुरक्षा और अनुसंधान एवं नवाचार (R&I) के क्षेत्रों में जबरदस्त तेजी है। ऐसे रोमांचक समय में @EU_in_India का प्रतिनिधित्व करने पर गर्व है। साझा प्राथमिकताओं पर सहयोग और काम करने के लिए तैयार हूं।”
“असाधारण क्षण में आया हूं” – राजदूत पैकेट
राजदूत ने कहा, “आज सुबह परिचय पत्र सौंपकर मैं बहुत सम्मानित महसूस कर रहा हूं। मुझे लगता है कि मैं इस रिश्ते के एक असाधारण मोड़ पर आया हूं। भारत और यूरोप ने राजनीतिक, आर्थिक और तकनीकी रूप से एक-दूसरे के साथ जुड़ने का फैसला किया है, ताकि हम अपने लिए सचमुच कुछ बदलाव ला सकें। बहुपक्षीय व्यवस्था में भी इसका बड़ा असर हो सकता है।”
कार्यकाल के प्रमुख लक्ष्य: FTA और नए अवसर
अपने कार्यकाल की प्राथमिकताओं के बारे में बताते हुए पैकेट ने मौजूदा द्विपक्षीय ढांचों और आर्थिक समझौतों का पूरा लाभ उठाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वे भारत में लोगों को इस रिश्ते से पैदा होने वाले अवसरों का लाभ उठाने में मदद करना चाहते हैं—खासकर मुक्त व्यापार समझौते (FTA) से। साथ ही ‘यूरोपीय लीगल गेटवे’ जैसे प्लेटफॉर्म को भी बेहतर तरीके से समझाने और इस्तेमाल कराने पर ध्यान देंगे, जिससे गतिशीलता (मोबिलिटी) आसान हो।
तीन साल में पूरे भारत की यात्रा का प्लान
देश की सांस्कृतिक समृद्धि और ऊर्जा की तारीफ करते हुए राजदूत ने अगले तीन वर्षों में पूरे भारत को कवर करने की इच्छा जताई। उन्होंने बताया, “मैं भारत आकर बहुत खुश हूं। यहां मुझे एक देश और एक महाद्वीप को जानने का मौका मिलेगा। यात्रा के नजरिए से आपके देश की विविधता और ऊर्जा मेरे लिए बहुत रोमांचक है। मेरी योजना हर जगह घूमने की है। आपके यहां 28 राज्य और आठ केंद्र शासित प्रदेश हैं; इन तीन सालों में आप मुझे उन सभी जगहों पर देखेंगे। मैंने अमृतसर से शुरुआत की थी। अभी जैसलमेर में था, जो बहुत शानदार जगह है, और जल्द ही अपनी यात्रा आगे बढ़ाऊंगा।”
ऐतिहासिक व्यापार समझौते के बीच नया कार्यकाल
पैकेट का कार्यकाल ऐसे महत्वपूर्ण समय में शुरू हो रहा है जब भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते की बातचीत 27 जनवरी को पूरी हो चुकी है। यह समझौता दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच आर्थिक और राजनीतिक संबंधों को और मजबूत करने वाला है। बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच यह आर्थिक खुलेपन और नियमों पर आधारित व्यापार के प्रति दोनों पक्षों की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यूरोपीय संघ भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। 2025 में दोनों के बीच सामान का व्यापार 118 बिलियन यूरो रहा, जो भारत के कुल व्यापार का 11.1 प्रतिशत है। (इनपुट-एजेंसी)


