UPI और OTP फ्रॉड से डिजिटल अरेस्ट तक, साइबर सुरक्षा के लिए सरकार की नई पहल

केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत साइबरदोस्त (CyberDost-I4C) ने MyGov के सहयोग से देशव्यापी साइबर अपराध जागरूकता अभियान 2026 की शुरुआत की है। इसका उद्देश्य सभी आयु वर्ग के नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना और सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।

डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल पढ़ाई, संचार, मनोरंजन और वित्तीय लेनदेन के लिए तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर खतरों से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करना महत्वपूर्ण हो गया है।

इस अभियान के जरिए नागरिकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी की पहचान करने, अपनी निजी जानकारी सुरक्षित रखने, डिजिटल खातों की सुरक्षा मजबूत करने और साइबर खतरों की स्थिति में जिम्मेदारी से कार्रवाई करने के व्यावहारिक तरीके बताए जाएंगे। इसका उद्देश्य साइबर जागरूक और सुरक्षित भारत के निर्माण में योगदान देना है।

अभियान के तहत इंटरैक्टिव क्विज, वास्तविक घटनाओं पर आधारित धोखाधड़ी के उदाहरण, साइबर सुरक्षा से जुड़े कार्य, रचनात्मक गतिविधियां और डिजिटल शपथ जैसी पहल शामिल की गई हैं।

इन गतिविधियों के माध्यम से लोगों को UPI धोखाधड़ी, फिशिंग, डिजिटल अरेस्ट घोटाले, रोमांस स्कैम, फर्जी नौकरी के प्रस्ताव, OTP धोखाधड़ी और सोशल मीडिया से जुड़े साइबर खतरों की पहचान करना सिखाया जाएगा।

इस पहल में देश के नागरिकों को हिस्सा लेने, अपनी साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी परखने और व्यावहारिक सुरक्षा गतिविधियां पूरी करने के लिए आमंत्रित किया गया है। साथ ही, लोगों से अपने परिवार, दोस्तों और समुदायों के बीच साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने की अपील की गई है।

अभियान का संदेश है- ‘चुनौती स्वीकार करें, धोखाधड़ी पहचानें और अपनी डिजिटल जिंदगी सुरक्षित करें।’ इसके जरिए नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने और साइबर जागरूक भारत के निर्माण में भागीदार बनने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

अभियान की टैगलाइन है- ‘रुकें, सोचें, कार्रवाई करें और साइबरदोस्त बनें।’