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दक्षिण कोरिया में गूगल और एप्पल पर 4.5 करोड़ डॉलर का जुर्माना

दक्षिण कोरिया के प्रसारण एवं दूरसंचार नियामक ने बुधवार को गूगल और एप्पल पर कुल 6370 करोड़ वॉन (करीब 4.5 करोड़ डॉलर) का जुर्माना लगाने का फैसला किया। दोनों कंपनियों पर आरोप है कि उन्होंने अपने ऐप स्टोर की भुगतान नीतियों के जरिए ऐप डेवलपरों के भुगतान विकल्पों को सीमित किया।

एक समाचार एजेंसी के अनुसार, कोरिया मीडिया एंड कम्युनिकेशंस कमीशन (केएमसीसी) ने दूरसंचार व्यवसाय अधिनियम के उल्लंघन के मामले में गूगल पर 4290 करोड़ वॉन और एप्पल पर 2081 करोड़ वॉन का जुर्माना लगाने को मंजूरी दी है।

आयोग ने कहा कि दोनों कंपनियों को सुधारात्मक आदेश भी जारी किए जाएंगे, लेकिन उनके खिलाफ आपराधिक शिकायत दर्ज नहीं की जाएगी।

नियामक के मुताबिक, गूगल और एप्पल ने ऐप बाजार में अपनी मजबूत स्थिति का दुरुपयोग किया। दोनों कंपनियों ने ऐप डेवलपरों को विशेष भुगतान प्रणालियों का इस्तेमाल करने के लिए बाध्य किया और तीसरे पक्ष के भुगतान विकल्पों पर प्रतिकूल शर्तें लागू कीं।

दक्षिण कोरिया के नियामक ने पहली बार अक्टूबर 2023 में दोनों कंपनियों को कथित उल्लंघनों के बारे में सूचित किया था। मौजूदा कार्रवाई उस प्रक्रिया के करीब तीन साल बाद हुई है।

इस बीच, हाल में सामने आई एक रिपोर्ट के अनुसार, गूगल ने इस साल की दूसरी तिमाही में राजनीतिक विषयों से जुड़ी सामग्री प्रकाशित करने वाले दक्षिण कोरिया के 449 यूट्यूब चैनलों को बंद किया।

गूगल के थ्रेट एनालिसिस ग्रुप की ‘इन्फ्लुएंस ऑपरेशंस बुलेटिन क्यू2 2026’ रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने अप्रैल में कोरियाई भाषा के 22 यूट्यूब चैनल बंद किए। मई में 367 और जून में 60 चैनलों पर कार्रवाई की गई। सबसे अधिक चैनल मई में बंद किए गए, जो 3 जून को हुए स्थानीय चुनावों से ठीक पहले का समय था।

रिपोर्ट के मुताबिक, इन चैनलों पर दक्षिण कोरियाई सरकार के समर्थन या आलोचना में सामग्री साझा करने के साथ-साथ राजनीतिक दलों और नेताओं के पक्ष या विरोध में सामग्री प्रकाशित करने के कारण कार्रवाई की गई।

गूगल ने 2025 की दूसरी तिमाही से 2026 की पहली तिमाही के बीच दक्षिण कोरिया के किसी भी यूट्यूब चैनल को बंद नहीं किया था। इस अवधि में कंपनी ने चीन से जुड़े 9,173 और रूस से जुड़े 2,083 चैनल बंद किए थे।

दक्षिण कोरिया के मीडिया नियामक ने निष्कर्ष निकाला कि गूगल और एप्पल ने अपने-अपने ऐप बाजारों में दबदबे का दुरुपयोग करके संबंधित कानूनों का उल्लंघन किया है।

-(इनपुटः आईएएनएस)