राष्ट्रपति की ओर से नामित हरिवंश नारायण सिंह ने गुरुवार को राज्यसभा सचिवालय में उपसभापति पद के लिए नामांकन किया। वे जनता दल(यू) से सदन में दो बार निर्वाचित एवं दोनों बार राज्यसभा के उपसभापति रहे हैं।
राज्यसभा में कल उपसभापति का होगा निर्वाचन
राज्यसभा में कल उपसभापति का निर्वाचन होगा। विपक्ष ने कुछ मुद्दों पर आपत्ति जाहिर करते हुए निर्वाचन प्रक्रिया से दूरी बनाने का फैसला किया है। इसका अर्थ है कि बिना विरोध हरिवंश फिर से उपसभापति बन जायेंगे।
विपक्ष ने कल निर्वाचन प्रक्रिया से दूर रहने का किया फैसला
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने एक्स पोस्ट में कहा कि विपक्ष ने कल निर्वाचन प्रक्रिया से दूर रहने का फैसला किया है। हालांकि इसके पीछे हरिवंश का निरादर करने का कोई ईरादा नहीं है। विपक्ष को उम्मीद है कि हरिवंश अपने तीसरे कार्यकाल में विपक्ष के अनुरोधों के प्रति अधिक सहिष्णु और ग्रहणशील होंगे।
जयराम रमेश ने तीन आपत्तियां जताई है। उनका कहना है कि 7 सालों से लोकसभा में उपाध्यक्ष का पद खाली है। राज्यसभा में राष्ट्रपति की ओर से मनोनीत किसी व्यक्ति को इससे पहले कभी भी उपसभापति पद के लिए विचार नहीं किया गया है। वहीं, उन्हें तीसरी बार मौका देते समय विपक्ष से विचार भी नहीं किया गया।
राष्ट्रपति ने हरिवंश को राज्यसभा का सदस्य नामित किया
पिछले माह राष्ट्रपति ने हरिवंश को राज्यसभा का सदस्य नामित किया था। हरिवंश नारायण सिंह का 9 अप्रैल को उपसभापति के तौर पर कार्यकाल समाप्त हो गया। तब से यह पद खाली है। उपराष्ट्रपति राज्यसभा के पदेन सभापति होते हैं। उनकी अनुपस्थिति में उपसभापति सदन का संचालन करते हैं। (इनपुट-एजेंसी)


