भारत के वस्त्र और परिधान क्षेत्र के निर्यात में नवंबर 2025 के दौरान उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। हस्तशिल्प सहित वस्त्र और परिधान का कुल निर्यात नवंबर 2025 में 2,855.8 मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा, जो नवंबर 2024 के 2,601.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर की तुलना में 9.4 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि वैश्विक बाजारों में भारतीय वस्त्र उत्पादों की बढ़ती मांग को दर्शाती है।
नवंबर 2025 में विभिन्न उप-क्षेत्रों में भी सकारात्मक रुझान देखने को मिला। रेडीमेड गारमेंट्स (आरएमजी) के निर्यात में 11.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। कृत्रिम धागे, कपड़े और तैयार उत्पादों के निर्यात में 15.7 प्रतिशत की मजबूत बढ़ोतरी हुई। वहीं, सूती धागे, कपड़े, तैयार उत्पाद और हथकरघा उत्पादों के निर्यात में 4.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। हस्तशिल्प क्षेत्र में सबसे अधिक तेजी देखने को मिली, जहां हस्तनिर्मित कालीनों को छोड़कर हस्तशिल्प निर्यात में 29.7 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई।
वर्ष 2025 में जनवरी से नवंबर की अवधि के दौरान वस्त्र और परिधान निर्यात (हस्तशिल्प को छोड़कर) का संचयी आंकड़ा 32,560.0 मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा। यह पिछले वर्ष की समान अवधि के 32,474.9 मिलियन अमेरिकी डॉलर की तुलना में 0.26 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।
इस अवधि में रेडीमेड गारमेंट्स के निर्यात में भी सकारात्मक रुझान बना रहा। जनवरी-नवंबर 2025 के दौरान आरएमजी निर्यात में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 3.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसके साथ ही जूट उत्पादों के निर्यात में भी 6.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
कुल मिलाकर, नवंबर 2025 के आंकड़े यह संकेत देते हैं कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत का वस्त्र और परिधान क्षेत्र निर्यात के मोर्चे पर मजबूती से आगे बढ़ रहा है।
(इनपुट- PIB)


