भारतीय जनसंघ के सह-संस्थापक, एकात्म मानवदर्शन और अंत्योदय के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर देशभर के प्रमुख नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला समेत कई केंद्रीय मंत्रियों ने उनके विचारों, सादगी भरे जीवन और राष्ट्रसेवा को प्रेरणादायी बताते हुए नमन किया।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला: अंतिम व्यक्ति तक विकास की प्राथमिकता
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय का जीवन सादगी, विचारशीलता, राष्ट्रसेवा और समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण के प्रति समर्पण का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने व्यक्ति, समाज, प्रकृति और राष्ट्र के बीच संतुलित विकास पर जोर दिया था। बिरला ने रेखांकित किया कि अंत्योदय के माध्यम से उन्होंने सबसे वंचित व्यक्ति को विकास की प्राथमिकता में रखने की बात कही। उनके अनुसार, विकास तभी सार्थक है जब उसका लाभ समाज के अंतिम पायदान तक पहुंचे। स्वदेशी, आत्मनिर्भरता, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता के उनके चिंतन को आज भी प्रासंगिक बताया गया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह: सिद्धांतनिष्ठा और राष्ट्रसेवा का प्रेरक उदाहरण
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय को भारतीय जनता पार्टी का वैचारिक मार्गदर्शक और नैतिक प्रेरणा-स्रोत बताते हुए सादर नमन किया। उन्होंने कहा कि उनका जीवन राष्ट्रसेवा, सादगी, शुचिता और सिद्धांतनिष्ठा का प्रतीक है। अंत्योदय के जरिए उन्होंने अंतिम व्यक्ति तक विकास, अवसर और सम्मान पहुंचाने का मार्ग दिखाया, जबकि एकात्म मानववाद के माध्यम से समावेशी और समन्वित विकास की व्यापक दृष्टि प्रस्तुत की। उनके आदर्श आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे।
अन्य केंद्रीय मंत्रियों ने भी दी श्रद्धांजलि
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने उन्हें महान राष्ट्रवादी विचारक और एकात्म मानववाद के प्रणेता बताते हुए नमन किया। उन्होंने कहा कि अंत्योदय के सिद्धांत को स्थापित करने वाले दीनदयाल जी का जीवन सेवा, समर्पण और राष्ट्रभक्ति का अनुपम उदाहरण है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उनकी अंत्योदय की धरोहर विकसित भारत के लक्ष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कोटि-कोटि नमन करते हुए कहा कि उनके विचारों ने देश को वैकल्पिक विचारधारा दी और राष्ट्र के पुनर्निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गरीब कल्याण के लक्ष्य से उन्होंने एकात्म मानववाद और अंत्योदय को साकार किया।
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि राष्ट्र प्रथम और जनसेवा को ध्येय बनाने वाले पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने आत्मनिर्भर, स्वाभिमानी और समरस राष्ट्र का मार्ग दिखाया। उनका दर्शन आज भी अंतिम व्यक्ति के उत्थान और सर्वांगीण विकास की प्रेरणा देता है।
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कोटिशः नमन करते हुए कहा कि अंत्योदय के संकल्प से उन्होंने अंतिम व्यक्ति के उत्थान और राष्ट्र की आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त किया। उनका सरल जीवन, राष्ट्रनिष्ठ चिंतन और भारतीय संस्कृति के प्रति समर्पण प्रेरणा का स्रोत है। सरकार उनके विचारों को आगे बढ़ाते हुए अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के लिए संकल्पबद्ध है। पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचार और व्यक्तित्व को सभी नेताओं ने सदैव प्रेरणादायी बताते हुए उनके आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया। (इनपुट-एजेंसी)


