07/08/25 | 6:38 pm

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भारत में ऑफिस लीजिंग ने छुआ रिकॉर्ड स्तर, वित्त वर्ष 2026 तक गति रहेगी बरकरार: रिपोर्ट

भारत के शीर्ष छह शहरों—बेंगलुरु, चेन्नई, दिल्ली-एनसीआर, हैदराबाद, मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर), और पुणे—में कार्यालय स्थानों की मांग वित्त वर्ष 2025 में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। आईसीआरए की गुरुवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2025 तक रिक्ति दर घटकर 13.9% हो गई और यह गति वित्त वर्ष 2026 तक बनी रहेगी।

जीसीसी और बीएफएसआई क्षेत्र ने संभाली कमान

वैश्विक क्षमता केंद्रों (जीसीसी), बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा (बीएफएसआई), फ्लेक्स-स्पेस ऑपरेटरों, और घरेलू आईटी-बीपीओ फर्मों की लीजिंग मांग ने इस उछाल को प्रेरित किया है। वैश्विक आईटी फर्मों की लीजिंग में कमी की भरपाई जीसीसी और बीएफएसआई क्षेत्रों ने की है, जो वित्त वर्ष 2026 में भी लीजिंग गतिविधियों में अग्रणी रहेंगे।

65 मिलियन वर्ग फुट का रिकॉर्ड अवशोषण

आईसीआरए के सहायक उपाध्यक्ष अभिषेक लाहोटी ने बताया कि वित्त वर्ष 2025 में शुद्ध अवशोषण (absorption) 65 मिलियन वर्ग फुट (14% की वार्षिक वृद्धि) रहा। वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में यह 17 मिलियन वर्ग फुट था, जो आपूर्ति के लगभग बराबर है। वहीं मार्च 2026 तक रिक्ति दर के 13-13.5% तक और कम होने का अनुमान है।

बेंगलुरु में सर्वाधिक ऑफिस स्टॉक

30 जून, 2025 तक, शीर्ष छह बाजारों में कुल ग्रेड A कार्यालय स्टॉक 1,030 मिलियन वर्ग फुट था, जिसमें बेंगलुरु की हिस्सेदारी 26% थी, इसके बाद दिल्ली-एनसीआर और एमएमआर (महानगर क्षेत्र) का स्थान रहा। एमएमआर और पुणे में भी रिक्ति दर में कमी की उम्मीद है, जो मजबूत मांग को दर्शाता है।

स्थिर रहेगा क्रेडिट प्रोफाइल

आईसीआरए का अनुमान है कि उच्च किराये से शुद्ध परिचालन आय में वृद्धि के कारण कार्यालय क्षेत्र की कंपनियों का क्रेडिट प्रोफाइल स्थिर रहेगा। यह रुझान भारत के वाणिज्यिक रियल एस्टेट बाजार की मजबूती को रेखांकित करता है। (इनपुट-रिपोर्ट)