प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली के यशोभूमि में इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2026 के 10वें संस्करण का उद्घाटन करते हुए भारत के दूरसंचार क्षेत्र की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने 5जी विस्तार, 6जी की महत्वाकांक्षाओं और मोबाइल फोन को सुशासन का उपकरण बनाने पर विस्तार से बात की।
5.5 लाख से अधिक 5जी बेस स्टेशन, इंटरनेट स्पीड 10 गुना बढ़ी
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में अब 5जी नेटवर्क को सपोर्ट करने वाले 5.5 लाख से अधिक बेस स्टेशन हैं। मोबाइल इंटरनेट की स्पीड 2022 की तुलना में 10 गुना बढ़ी है। उन्होंने याद दिलाया कि 2022 में इसी IMC मंच से देश में 5जी सेवाओं की शुरुआत की गई थी। 2023 में उन्होंने 5जी रोलआउट से आगे बढ़कर ग्राहकों तक पहुंच बढ़ाने की दिशा पर चर्चा की थी। आज देश का दूरसंचार क्षेत्र नेटवर्क, स्पेक्ट्रम और इंटरनेट स्पीड से कहीं आगे निकल चुका है।
मोबाइल फोन अब सिर्फ संचार नहीं, सुशासन का उपकरण
पीएम मोदी ने कहा, “मोबाइल फोन सुशासन का एक उपकरण बन गया है।” उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक में मोबाइल फोन पारंपरिक संचार उपकरण से विकसित होकर शासन व्यवस्था को संचालित करने का प्रमुख माध्यम बन गया है। एक दशक पहले डिजिटल विभाजन एक चुनौती थी और नई तकनीक विशेषाधिकार बनती जा रही थी। डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के जरिए सरकार ने इस स्थिति को बदला और मोबाइल फोन को डिजिटल पहुंच व सार्वजनिक सेवाओं के विस्तार के केंद्र में रखा। अब मोबाइल कनेक्टिविटी नागरिकों को आवश्यक सरकारी सेवाओं से जोड़ रही है और सार्वजनिक सेवाओं को अधिक सुलभ बना रही है।
‘सीमाओं के बिना विस्तार’ थीम भारत के अनुभव को दर्शाती है
इस वर्ष के IMC का विषय “सीमाओं के बिना विस्तार” भारत के दूरसंचार और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार के अनुभव को दर्शाता है। 2022 में 5जी शुरुआत से लेकर 2024 में अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ की मेजबानी तक, IMC ने भारत की दूरसंचार यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की दूरसंचार कहानी को सिर्फ नेटवर्क की गति और स्पेक्ट्रम से नहीं, बल्कि शासन और नागरिकों की पहुंच में इसकी व्यापक भूमिका से देखा जाना चाहिए। मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी ने शिक्षा, भुगतान, स्वास्थ्य सेवा और सरकारी सेवाओं को देशभर में सुलभ बनाए रखने में मदद की है।
दीक्षा प्लेटफॉर्म पर 500 करोड़ लर्निंग सेशन
उन्होंने दीक्षा ऑनलाइन शिक्षा मंच का जिक्र करते हुए बताया कि इस पर लगभग 500 करोड़ लर्निंग सेशन और 600 करोड़ लर्निंग मिनट दर्ज किए गए हैं। सरकार का नया लक्ष्य इस मंच के माध्यम से 25 करोड़ छात्रों को जोड़ना है। (इनपुट-एजेंसी)


