पीएम मोदी ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से की मुलाकात, दोनों देशों के बीच संबंधों की समीक्षा की

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने 23-24 जुलाई तक यूनाइटेड किंगडम की अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान, गुरुवार को यूके के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से मुलाकात की। प्रधानमंत्री स्टार्मर ने बकिंघमशायर में पीएम मोदी के कंट्री रेजिडेंस चेकरर्स पहुंचने पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों नेताओं अकेले बैठक के साथ-साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता भी की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के सारे पहलुओं की समीक्षा की और भारत-यूके विजन 2035 को अपनाया।

गौरतलब हो, विजन 2035 दस्तावेज़ अर्थव्यवस्था और विकास, प्रौद्योगिकी, नवाचार, अनुसंधान और शिक्षा, रक्षा और सुरक्षा, जलवायु कार्रवाई, स्वास्थ्य और एक दूसरे के बीच संबंधों के प्रमुख क्षेत्रों में अगले दस वर्षों के लिए संबंधों को आगे बढ़ाकर व्यापक रणनीतिक साझेदारी में अधिक महत्वाकांक्षा और नई गति का संचार करेगा। इसके अलावा, पीएम मोदी की ब्रिटेन यात्रा के दौरान दोनों पक्षों द्वारा व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (सीईटीए), भारत-यूके विजन 2035 (लिंक), रक्षा औद्योगिक रोडमैप, प्रौद्योगिकी और सुरक्षा पहल पर वक्तव्य (लिंक), केंद्रीय जांच ब्यूरो, भारत और यूके की राष्ट्रीय अपराध एजेंसी के बीच एमओयू आदि दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए गए।

आपको बता दें, दोनों नेताओं ने दोनों देशों के साथ-साथ वैश्विक बाजार में बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए रक्षा उत्पादों के सह-डिजाइन, सह-विकास और सह-उत्पादन में सहयोग को बढ़ावा देने हेतु रक्षा औद्योगिक रोडमैप को अंतिम रूप दिए जाने का भी स्वागत किया। दोनों देशों के सशस्त्र बलों की नियमित भागीदारी का स्वागत करते हुए,  उन्होंने गहरी होती रक्षा और सुरक्षा साझेदारी पर संतोष व्यक्त किया।

पीएम मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री स्टार्मर ने नई और उभरती प्रौद्योगिकियों में बढ़ते सहयोग पर संतोष व्यक्त किया और प्रौद्योगिकी और सुरक्षा पहल (टीएसआई) के तेज कार्यान्वयन का आह्वान किया, जो दूरसंचार, महत्वपूर्ण खनिज, एआई, जैव प्रौद्योगिकी और स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी, सेमीकंडक्टर, उन्नत सामग्री और क्वांटम पर केंद्रित है। टीएसआई ने आज एक वर्ष पूरा कर लिया है।

दोनों प्रधानमंत्रियों ने शिक्षा क्षेत्र में भारत और यूके के बीच बढ़ती साझेदारी का भी स्वागत किया, जहां छह यूके के विश्वविद्यालय नई शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत भारत में परिसर खोलने के लिए काम कर रहे हैं। साउथेम्प्टन विश्वविद्यालय, जिसने 16 जून 2025 को गुरुग्राम में अपना परिसर खोला, एनईपी के तहत भारत में अपना परिसर खोलने वाला पहला विदेशी विश्वविद्यालय है।

दोनों पक्षों ने यूके में भारतीय प्रवासियों के शिक्षा जगत, कला, साहित्य, चिकित्सा, विज्ञान, खेल, व्यवसाय और राजनीति के क्षेत्रों में बहुमूल्य योगदान को स्वीकार किया। वे इस बात पर सहमत हुए कि यह जीवंत सेतु भारत-यूके संबंधों के विकास और प्रगति का एक प्रमुख आधार है।

प्रधानमंत्री मोदी ने पहलगाम आतंकी हमले के मद्देनजर भारत के लोगों के प्रति प्रधान मंत्री स्टार्मर के मजबूत समर्थन और एकजुटता के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। दोनों नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई। यह देखते हुए कि उग्रवाद और कट्टरपंथ दोनों समाजों के लिए खतरा पैदा करते हैं, वे इस खतरे से निपटने के लिए द्विपक्षीय सहयोग को और बढ़ाने पर सहमत हुए। प्रधानमंत्री मोदी ने आर्थिक अपराधियों और भगोड़ों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए यूके के सहयोग की भी मांग की।

इसके अलावा, दोनों नेताओं ने हिंद-प्रशांत, पश्चिम एशिया और रूस-यूक्रेन संघर्ष सहित आपसी हित के वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। इस दौरान, प्रधानमंत्री ने अपनी गर्मजोशी भरी मेजबानी के लिए प्रधानमंत्री  को धन्यवाद दिया और उन्हें जल्द से जल्द भारत आने के लिए आमंत्रित किया।

वहीं, एक एक्स पोस्ट में पीएम मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के साथ बातचीत शानदार रही, खासकर व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते पर सफलतापूर्वक हस्ताक्षर के बाद। आर्थिक सहयोग के अलावा, यह समझौता साझा समृद्धि को बढ़ावा देने का आधार तैयार करता है।

इस दौरान, दोनों प्रधानमंत्रियों ने ऐतिहासिक भारत-यूके व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (सीईटीए) पर हस्ताक्षर का स्वागत किया, जो दोनों अर्थव्यवस्थाओं में द्विपक्षीय व्यापार, निवेश, आर्थिक सहयोग और रोजगार सृजन को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाने के साथ व्यापक रणनीतिक साझेदारी को एक नए स्तर पर ले जाएगा। दोनों पक्षों ने एक डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन पर बातचीत करने पर भी सहमति व्यक्त की है, जो सीईटीए के साथ प्रभावी होगा और वाणिज्यिक इकाइयों के लिए प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा देकर और व्यापार करने की लागत को कम करके दोनों देशों के पेशेवरों और सेवा उद्योग को सुविधा प्रदान करेगा।

पूंजी बाजारों और वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में बढ़ते सहयोग का उल्लेख करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने रेखांकित किया कि दोनों पक्ष भारत के पहले अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र, गुजरात में गिफ्ट सिटी और यूके के जीवंत वित्तीय इकोसिस्टम के बीच अधिक बातचीत को बढ़ावा देने के लिए काम कर सकते हैं।(PIB)

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