नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (NOTTO) के निदेशक अनिल कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में अंगदान पर दिया गया संदेश देश में जागरूकता बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने इसे एक “उत्कृष्ट और प्रेरणादायक अभियान” बताया, जो लोगों की सोच में बड़ा बदलाव ला सकता है।
‘मन की बात’ के 131वें संस्करण में प्रधानमंत्री द्वारा अंग प्रत्यारोपण से जुड़ी वास्तविक कहानियों को साझा किए जाने की सराहना करते हुए अनिल कुमार ने कहा कि ऐसे उदाहरण समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाते हैं। खासकर 10 महीने के एक बच्चे के अंगदान से चार लोगों की जान बचने की कहानी लोगों को प्रेरित करने वाली है।
उन्होंने कहा कि भावनात्मक और वास्तविक कहानियां अंगदान से जुड़े डर, भ्रांतियों और सामाजिक झिझक को कम करने में मदद करती हैं। इससे परिवारों को यह समझ आता है कि अंगदान एक मानवीय कदम है, जिससे कई लोगों को नया जीवन मिल सकता है।
NOTTO प्रमुख ने यह भी कहा कि अंगदान किसी धर्म, जाति या समुदाय से ऊपर की बात है। उनके अनुसार यह पूरी तरह मानवता से जुड़ा विषय है और समाज के हर वर्ग को इसमें भागीदारी करनी चाहिए।
उन्होंने जानकारी दी कि भारत में अब अंग प्रत्यारोपण व्यवस्था पहले से ज्यादा संगठित हो चुकी है। देश में एक डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए ट्रांसप्लांट अस्पतालों, ऑर्गन रिट्रीवल सेंटरों, टिश्यू बैंकों और राज्य स्तरीय संस्थाओं को जोड़ा गया है। इससे पारदर्शिता और समन्वय बेहतर हुआ है।
अनिल कुमार ने “जन भागीदारी” पर जोर देते हुए कहा कि सरकार की पहल के साथ-साथ लोगों की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। जागरूकता अभियान और सामुदायिक सहयोग से ही अंगों की मांग और उपलब्धता के बीच का अंतर कम किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि सफल प्रत्यारोपण के बाद सामान्य जीवन जी रहे लोगों की कहानियां समाज में भरोसा बढ़ाती हैं और स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत बनाती हैं।
NOTTO आगे भी प्रधानमंत्री की अपील को आधार बनाकर देशभर में जागरूकता कार्यक्रमों को और व्यापक रूप से चलाने की योजना पर काम करेगा, ताकि अधिक से अधिक लोग अंगदान के महत्व को समझ सकें।
-(इनपुटःएजेंसी)


