राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मंगलवार को ओडिशा के राउरकेला में आयोजित सार्वजनिक समारोह में प्लेनेटेरियम एवं साइंस सेंटर तथा निर्मल मुंडा परिवेश पथ का उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने ट्राइबल म्यूजियम और इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का भी उद्घाटन किया।
यह क्षेत्र वीरों और खेल प्रतिभाओं की भूमि
समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि सुंदरगढ़ जिले की प्राकृतिक सुंदरता, लोक संस्कृति और विरासत अत्यंत आकर्षक है। यहां के घने जंगल, पर्वत, झरने और नदियां इसकी विशेष पहचान हैं। सुंदरगढ़ की कला और संस्कृति ने ओडिशा की सांस्कृतिक समृद्धि को और समृद्ध किया है, साथ ही यह क्षेत्र वीरों और खेल प्रतिभाओं की भूमि भी रहा है।
राष्ट्रपति ने कहा कि रोजगार और आजीविका के लिए देश के विभिन्न हिस्सों, विशेषकर ओडिशा से लोग राउरकेला में निवास करते हैं। यह शहर एक बहुसांस्कृतिक केंद्र के रूप में उभरकर ओडिशा की कला, साहित्य, जनजातीय परंपराओं और खेलों को बढ़ावा देने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
समग्र विकास तभी संभव है जब समाज के हर वर्ग का विकास सुनिश्चित हो
उन्होंने कहा कि राष्ट्र का समग्र विकास तभी संभव है जब समाज के हर वर्ग का विकास सुनिश्चित हो। इसी दृष्टिकोण के साथ केंद्र और राज्य सरकारें जनजातीय कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही हैं, जिससे सुंदरगढ़ जैसे जनजातीय बहुल जिलों में विकास की गति तेज हो रही है और समुदायों के आर्थिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी जा रही है।
देश, स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने पर 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर
राष्ट्रपति ने लोगों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि सभी नागरिकों को आगे बढ़ने के साथ-साथ दूसरों को भी आगे बढ़ाने में सहयोग करना चाहिए और एक बेहतर समाज के निर्माण के लिए प्रयासरत रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश, स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने पर 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर है। इसी तरह, वर्ष 2036 में ओडिशा राज्य के गठन के 100 वर्ष पूरे होंगे। विकसित ओडिशा और विकसित भारत के निर्माण के लिए सर्वांगीण विकास और समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
इस कार्यक्रम में ओडिशा के राज्यपाल डॉ. हरिबाबू कंभमपाटी, मुख्यमंत्री मोहन माझी, केन्द्रीय जनजातीय मंत्री जुएल ओराम, स्थानीय विधायक व अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। (इनपुट-एजेंसी)


