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चीन में एआई शेयरों में भारी गिरावट, STAR50 इंडेक्स 40% टूटा

दुनिया भर के टेक शेयरों में जारी उतार-चढ़ाव के बीच चीन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट आई है। एआई की मांग को लेकर चिंताओं और चीनी उपकरणों के निर्यात पर संभावित प्रतिबंधों के कारण निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है। चीन के एआई और सेमीकंडक्टर क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों वाला STAR50 इंडेक्स जुलाई के उच्चतम स्तर से चार महीने से भी कम समय में करीब 40 प्रतिशत गिर गया है। इससे बाजार का लगभग 480 अरब डॉलर का मूल्य घट गया है।

इस गिरावट ने चीन की उस रणनीति पर भी सवाल खड़े किए हैं, जिसके तहत आम बचतकर्ताओं को शेयर बाजार में निवेश के लिए प्रोत्साहित कर एआई क्षेत्र के विस्तार के लिए पूंजी जुटाने की कोशिश की जा रही है। चीन का प्रमुख ब्लू-चिप इंडेक्स CSI300 भी जून में बने अपने उच्चतम स्तर से करीब 20 प्रतिशत नीचे आ चुका है।

बीजिंग के फंड मैनेजर डोंग बाओझेन ने कहा कि शेयर बाजार में तेजी धीरे-धीरे सट्टेबाजी वाली असामान्य तेजी में बदल गई थी और अब बुलबुला फूटता दिखाई दे रहा है। चीन में शेयरों की यह गिरावट पश्चिमी देशों और एशिया के अन्य बाजारों की तुलना में अधिक तेज रही है। इसके मुकाबले अमेरिकी एआई शेयरों में गिरावट अपेक्षाकृत सीमित रही है। नैस्डैक इंडेक्स अपने रिकॉर्ड स्तर से करीब छह प्रतिशत नीचे आया है।

चीन के बाजार में गिरावट के पीछे कोई एक स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। हालांकि, कारोबारियों के मुताबिक शेयरों के ऊंचे मूल्यांकन, कर भुगतान से जुड़ी चिंताओं और अमेरिका समेत अन्य देशों की ओर से डेटा सेंटरों में चीनी उपकरणों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाए जाने की आशंका ने निवेशकों पर दबाव बढ़ाया है। गोल्डमैन सैक्स के अनुसार, एआई शेयर चीन के बाजार पूंजीकरण का करीब 42 प्रतिशत और मुख्यभूमि चीन के ए-शेयरों तथा हांगकांग के एच-शेयरों के कुल कारोबार का लगभग 57 प्रतिशत हिस्सा रखते हैं। ऐसे में गिरावट का असर बड़ी संख्या में निवेशकों पर पड़ा है।

खुदरा निवेशकों के पसंदीदा शेयरों में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। रोबोट निर्माता यूनिट्री के शेयर अगस्त में कारोबार शुरू होने के बाद से करीब आधे रह गए हैं। कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग के समय खुदरा निवेशकों की ओर से मांग उपलब्ध शेयरों की तुलना में 8,000 गुना अधिक रही थी। चिप निर्माता CXMT के शेयर भी पिछले एक महीने में एक चौथाई से अधिक गिर चुके हैं। वहीं, मेटाएक्स इंटीग्रेटेड सर्किट्स और मूर थ्रेड्स टेक्नोलॉजी के शेयर, जो पिछले साल बाजार में सूचीबद्ध होने पर क्रमशः 700 प्रतिशत और 400 प्रतिशत तक उछले थे, जुलाई के बाद से करीब आधे रह गए हैं।

दक्षिणी चीन के हैनान प्रांत के छोटे कारोबारी और निवेशक चेन वेनशेंग ने बताया कि उन्होंने इस तेजी के दौरान निवेश किया था। उन्हें लगा था कि यूनिट्री जैसी कंपनियों को सरकारी समर्थन मिलने से इनका भविष्य मजबूत रहेगा। कंपनी के निवेशकों में सरकारी समर्थन प्राप्त फंड भी शामिल थे। हालांकि, अब चेन और उनके मित्रों को अपने निवेश में नुकसान उठाना पड़ रहा है।

इस गिरावट से निवेशकों में निराशा बढ़ी है। माना जा रहा है कि इससे प्रौद्योगिकी कंपनियों के लिए शेयर बाजार के जरिए पूंजी जुटाना और नई कंपनियों की लिस्टिंग प्रभावित हो सकती है। ऑप्टिकल उपकरण बनाने वाली कंपनियों झोंगजी इनोलाइट और ईऑप्टोलिंक टेक्नोलॉजी के शेयर भी जून और जुलाई के उच्चतम स्तर से करीब 60 प्रतिशत नीचे आ चुके हैं। इस गिरावट की एक वजह अमेरिका की ओर से इन कंपनियों को अपने डेटा सेंटरों के लिए आपूर्ति करने से रोकने की दिशा में उठाए जा रहे कदम भी हैं।

हालांकि STAR50 इंडेक्स अपने उच्चतम स्तर से काफी नीचे आ चुका है, फिर भी इसका मूल्यांकन ऊंचा बना हुआ है। यह पिछले 12 महीनों की कमाई के मुकाबले करीब 100 गुना पर कारोबार कर रहा है, जबकि नैस्डैक-100 का यह अनुपात करीब 30 गुना है। इस अंतर ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है कि शेयरों में गिरावट अभी और जारी रह सकती है।

हांगकांग स्थित लोटस एसेट मैनेजमेंट के प्रबंध साझेदार और मुख्य निवेश अधिकारी होंग हाओ ने कहा कि मौजूदा हालात कई कंपनियों की शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की योजनाओं पर रोक लगा सकते हैं।

चीन के नियामक लंबे समय से बाजार में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने और निवेशकों को बेहतर रिटर्न दिलाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके तहत कर्ज लेकर निवेश करने और हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग पर अंकुश लगाने के कदम उठाए गए हैं। सरकारी समर्थन प्राप्त निवेशकों ने भी तेजी के दौरान शेयर बेचकर बाजार की बढ़त को सीमित करने की कोशिश की थी। चीन के प्रतिभूति नियामक आयोग ने रॉयटर्स की ओर से भेजे गए सवालों का तत्काल जवाब नहीं दिया।

बीजिंग स्थित कियानचुआंग कैपिटल के साझेदार लियो वांग के अनुसार, प्रमुख शेयर बाजार सूचकांकों में प्रौद्योगिकी कंपनियों के बाजार मूल्य को जरूरत से ज्यादा महत्व देने से पूंजी का प्रवाह असंतुलित हो सकता है। उनके मुताबिक, इससे कुछ क्षेत्रों में गंभीर बुलबुला बना, जबकि दूसरे क्षेत्रों से पूंजी का प्रवाह कम हुआ।

कुछ निवेशक इस गिरावट को लंबी अवधि के नजरिए से बाजार में सुधार का अवसर भी मान रहे हैं। HSBC के शोध के अनुसार, पिछले तीन महीनों में एशियाई फंडों ने चीन में अपने निवेश का कुछ हिस्सा घटाया है, लेकिन कुल मिलाकर वे अब भी चीन के शेयरों में अपनी सामान्य हिस्सेदारी से अधिक निवेश रखते हैं। गोल्डमैन सैक्स ने अपनी नई अनुशंसा सूची में इनोलाइट और CXMT समेत कई चीनी एआई शेयरों को शामिल किया है। BNP पारिबा सिक्योरिटीज के रणनीतिकार विलियम ब्रैटन ने भी कहा है कि सावधानी से निवेश करने वालों के लिए बाजार में अवसर मौजूद हैं।

इसके बावजूद चीन में कई निवेशक दूसरे क्षेत्रों की ओर रुख कर रहे हैं या शेयरों के मूल्यांकन में और गिरावट का इंतजार कर रहे हैं। शंघाई स्थित झुओझुओ इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट के साझेदार और फंड मैनेजर वांग झुओ ने कहा कि चिप निर्माता और एआई उपकरण आपूर्तिकर्ता भी अंततः कीमतों की प्रतिस्पर्धा में फंस सकते हैं। उनके मुताबिक, चीन के विनिर्माण क्षेत्र की अन्य कंपनियों की तरह इन कंपनियों के लिए भी इससे बचना आसान नहीं होगा और अंततः हर बुलबुला फूटता है।

-(इनपुटः रॉयटर्स)