केन्द्र सरकार ने आज गुरुवार को भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की तीन बड़ी पहल शुरू कीं। इनमें दो आधुनिक डॉप्लर वेदर रडार (DWR), मौसत भवन में नई सौर ऊर्जा प्रणाली और एक मौसम विज्ञान संग्रहालय शामिल हैं। इन पहलों का उद्घाटन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि IMD प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा समर्पित ‘मिशन मौसत’ को तेजी से आगे बढ़ा रहा है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार ने पहले रडारों की संख्या 47 से बढ़ाकर 2027 तक लगभग तीन गुना करने का लक्ष्य रखा था। लेकिन कुछ ही महीनों में देश में रडारों की संख्या बढ़कर 126 हो चुकी है। उन्होंने विश्वास जताया कि निर्धारित समय सीमा से पहले ही लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा। पहला डुअल पोलराइज्ड C Band Doppler Weather Radar छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में लगाया गया है। यह 250 किलोमीटर के दायरे में मॉनसून सिस्टम, भारी बारिश, आंधी, बिजली, ओलावृष्टि और तूफानों का पता लगा सकेगा। इसकी पहुंच छत्तीसगढ़, ओडिशा, पूर्वी मध्य प्रदेश, दक्षिण पश्चिम झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों तक है, जिससे इन क्षेत्रों में मौसम पूर्वानुमान की सटीकता बढ़ेगी।
दूसरा रडार कर्नाटक के मंगलुरु स्थित IMD कार्यालय में लगाया गया है। यह 250 किलोमीटर तक अरब सागर के तटीय क्षेत्र, गोवा, दक्षिण कोंकण, उत्तर लक्षद्वीप और कर्नाटक, केरल, गोवा तथा दक्षिण महाराष्ट्र के स्थलीय हिस्सों में चक्रवात, भारी बारिश, आंधी और ओलावृष्टि की निगरानी करेगा। सरकार ने IMD के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक मौसम संग्रहालय भी विकसित किया है, जिसमें पुराने मौसम उपकरण, संचार साधन, रडार और उपग्रह से जुड़े घटक प्रदर्शित किए गए हैं। संग्रहालय का उद्देश्य छात्रों, शोधकर्ताओं और युवाओं को मौसम विज्ञान की जानकारी से जोड़ना है। इसमें ऑडियो विजुअल सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
इसके अलावा, मौसम भवन परिसर में 771 kWp क्षमता की सौर ऊर्जा प्रणाली भी स्थापित की गई है। इसमें NBCC द्वारा लगाए गए 1,315 सोलर पैनल शामिल हैं। यह प्रणाली प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और देश के नेट जीरो लक्ष्य का समर्थन करती है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव डॉ. एम. रविचन्द्रन ने जानकारी दी कि IMD देश में 50 प्रतिशत से ज्यादा रडार कवरेज प्राप्त कर चुका है और अब दिल्ली, चेन्नई, मुंबई, कोलकाता के लिए अर्बन रडार तथा जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के लिए उन्नत फेज्ड ऐरे रडार लगाने की योजना बना रहा है।-(Input With Agency)


