देश महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाने को पूरी तरह तैयार: पीएम मोदी

नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन के लिए संसद का विशेष सत्र गुरुवार से शुरू होने वाला है, ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक “ऐतिहासिक कदम” बताया है। संसद के विस्तारित बजट सत्र का तीन दिवसीय विशेष सत्र आज बाद में शुरू होने वाला है, जिसमें नारी शक्ति वंदन अधिनियम के कार्यान्वयन से जुड़े प्रस्तावित संवैधानिक संशोधनों पर चर्चा केंद्रित होगी।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा, “आज से संसद के विशेष सत्र में हमारा देश महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। हमारी माताओं और बहनों का सम्मान ही राष्ट्र का सम्मान है, और इसी भावना के साथ हम इस दिशा में दृढ़ता से आगे बढ़ रहे हैं।”

सरकार द्वारा तीन संशोधन विधेयक पेश किए जाने की उम्मीद है जिनका उद्देश्य उस कानून को लागू करना है, जिसे 2023 में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने के लिए पारित किया गया था। इस सप्ताह की शुरुआत में, केंद्र सरकार ने सांसदों के साथ संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 या महिला आरक्षण विधेयक में प्रस्तावित संशोधन का पाठ साझा किया, जिसका उद्देश्य लोकसभा सीटों को बढ़ाकर 850 करना है, जिसमें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सदस्य भी शामिल हैं।

इस विधेयक में राज्यों के निर्वाचन क्षेत्रों से प्रत्यक्ष चुनाव द्वारा चुने जाने वाले सदस्यों की संख्या 815 तक सीमित करने का प्रस्ताव है। केंद्र शासित प्रदेशों के लिए विधेयक में कहा गया है। केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने के लिए 35 से अधिक सदस्य नहीं होंगे, जिनका चुनाव संसद द्वारा विधिवत रूप से किया जाएगा। वर्तमान में, लोकसभा में राज्यों से 530 और केंद्र शासित प्रदेशों से 20 सदस्य हैं। हालांकि, परिसीमन आयोग ने यह संख्या 543 निर्धारित की थी।

विधेयक में प्रस्तावित एक अन्य महत्वपूर्ण संशोधन जनसंख्या की परिभाषा से संबंधित है, जो संसद को यह तय करने का अधिकार देता है कि सीटों की संख्या में विस्तार के लिए किन आंकड़ों को आधार बनाया जाना है।संविधान के अनुच्छेद 81 के खंड (3) में संशोधन के लिए विधेयक में प्रस्ताव है, “(3) इस अनुच्छेद में, ‘जनसंख्या’ अभिव्यक्ति का अर्थ ऐसी जनगणना में निर्धारित जनसंख्या है, जैसा कि संसद विधि द्वारा निर्धारित कर सकती है, जिसके प्रासंगिक आंकड़े प्रकाशित किए गए हैं।”

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को शीघ्र लागू करने के साथ-साथ संसद के निचले सदन में सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए संविधान में संशोधन करने वाले विधेयक को मंजूरी दी थी। संशोधन विधेयक में अनुच्छेद 82 में भी परिवर्तन प्रस्तावित हैं, जिसमें प्रत्येक जनगणना के पूर्ण होने पर, सीटों का आवंटन के स्थान पर “सीटों का आवंटन शब्द प्रतिस्थापित किया जाएगा। प्रस्तावित संशोधन का उद्देश्य कोटा के कार्यान्वयन को 2027 की जनगणना से अलग करना और इसके बजाय इसे 2011 की जनगणना पर आधारित करना है, जिससे 2029 के आम चुनावों से पहले इसे लागू किया जा सके।(इनपुट-आईएएनएस)

RELATED ARTICLES

13 hours ago | Girmitiya Labourers

गिरमिटिया मजदूरों की संघर्षगाथा : उम्मीद, धोखे, अस्मिता और हौसले की अनकही दास्तान

 गरीबी और बेरोजगारी से मजबूर होकर लाखों भारतीय मजदूरों ने बेहतर जीवन की उम्मीद में सात समंदर प...

14 hours ago | Donald Trump

कंसास में ट्रंप ने खत्म किया मिडटर्म चुनाव प्रचार, बोले- अमेरिका जब चाहे ईरान को रोक सकता है

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कंसास के सलीना में चुनावी रैली के साथ अपने मिडटर्म चुनाव प...