विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को कहा कि भारत और ऑस्ट्रिया के बीच सुरक्षा एवं रक्षा साझेदारी आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि दोनों देश अप्रैल में ऑस्ट्रियाई चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर की भारत यात्रा के दौरान बनी सहमतियों और समझौतों की प्रगति की समीक्षा करेंगे।
नई दिल्ली में ऑस्ट्रिया की विदेश मंत्री बीएटे माइनल-राइजिंगर के साथ बैठक के शुरुआती संबोधन में जयशंकर ने उनका और उनके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भारत और ऑस्ट्रिया के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध हैं और दोनों देश अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा में योगदान देने के तरीकों पर चर्चा कर सकते हैं।
जयशंकर ने कहा कि अप्रैल में ऑस्ट्रियाई चांसलर की भारत यात्रा काफी उपयोगी रही थी। अब दोनों देशों के पास उस दौरान बनी सहमतियों और हुए समझौतों के क्रियान्वयन में हुई प्रगति की समीक्षा करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए दोनों देशों के बीच अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करना स्वाभाविक है।
विदेश मंत्री ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) का अस्थायी सदस्य बनने पर ऑस्ट्रिया को बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारत और ऑस्ट्रिया का संयुक्त राष्ट्र के ढांचे के भीतर सहयोग का लंबा इतिहास रहा है और दोनों देश इसे आगे भी जारी रखना चाहते हैं।
जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग अच्छा चल रहा है, लेकिन इसमें और सुधार की गुंजाइश है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, जलवायु संबंधी मुद्दों और लोगों के बीच संपर्क के क्षेत्रों में भी आदान-प्रदान बढ़ रहा है।
उन्होंने यूरोपीय संघ के साथ भारत के बढ़ते संबंधों का उल्लेख करते हुए आने वाले महीनों में भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लागू होने की उम्मीद जताई। जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों के सामने सहयोग को आगे बढ़ाने का व्यापक एजेंडा है।
बैठक में विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
-(इनपुटः आईएएनएस)


